किशोरिका साइंस एक्टिविटी एंड वुमन अवेयरनेस सोसायटी, भोपाल का लक्ष्य है कि ग्रामीण तथा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिये सभी संभव प्रयास किये जायें, जिससे उन्नति के प्रत्येक स्तर पर उनकी गरिमामय भागीदारी हो।
इसके साथ ही इन क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है, जिससे इनमें अध्ययनरत विद्यार्थी अपने कौशल और क्षमताओं को पूर्ण रूप से निखार सकें।
विज्ञान एवं पर्यावरण शिक्षा को रोचक बनाना तथा सभी किशोरियों एवं अन्य विद्यार्थियों की छिपी हुई जिज्ञासा एवं प्रतिभा को अवसर देना।
अध्ययन के लिये प्रयोगशाला के महंगे उपकरणों तथा सीमित प्रयोगों पर निर्भरता कम करके स्थानीय व सुलभ संसाधनों से विज्ञान को समझाना।
खुद करके सीखने (Learning by Doing) के सिद्धांत द्वारा अधिगम को बढ़ाना, जिससे ज्ञान स्थायी और व्यावहारिक बने।
किशोरियों को एक ऐसा सशक्त व सुरक्षित मंच देना, जहाँ वे अपनी जिज्ञासा और खोजी प्रवृत्ति को स्वतंत्रतापूर्वक बढ़ा सकें।
समाज में व्याप्त अंधविश्वास तथा पाखंड के खिलाफ जागरूकता उत्पन्न करना तथा वैज्ञानिक तार्किक दृष्टिकोण का प्रसार करना।
किशोरियों एवं बच्चों में खोजी प्रवृत्ति, आलोचनात्मक चिंतनशीलता और मौलिक सृजनशीलता का समग्र विकास करना।
आम लोगों, ग्रामीण महिलाओं और कृषकों में दैनिक जीवन से जुड़ी वैज्ञानिक जागरूकता एवं वैज्ञानिक समझ को बढ़ावा देना।
लोकतंत्र के सुदृढ़ीकरण हेतु शत-प्रतिशत निष्पक्ष व जागरूक मतदान के प्रति आम लोगों में जागरूकता लाना।
ट्रैफिक नियमों के पालन तथा सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में नागरिक जिम्मेदारी का भाव उत्पन्न करना।
पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति संतुलन एवं प्रदूषण मुक्ति के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा जिम्मेदारी का भाव उत्पन्न करना।
महामारी संक्रमण, संक्रामक रोगों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं पोषण के प्रति आम लोगों को वैज्ञानिक रूप से जागरूक करना।
देखें कि इन उद्देश्यों को सिद्ध करने के लिए किशोरिका किस प्रकार कार्यशालाएं, प्रदूषण सर्वेक्षण, विज्ञान जत्था और प्रदर्शनी आयोजित करती है।